
Daaru Ka Daroga
Fiction
Product description
प्रिय पाठकों, यह पुस्तक बिहार की शराबबंदी के उस सच को उजागर करती है, जो कागज़ पर समाजहित का कानून दिखता है, लेकिन ज़मीन पर भ्रष्टाचार और अवैध कारोबार का रूप ले चुका है। प्रशासन, सत्ता और माफिया के गठजोड़ ने गांवों को गैरकानूनी शराब के केंद्र बना दिया है, जहाँ कानून लागू करने वाले ही उसे कमजोर करते हैं। जहरीली शराब से मौतें होती हैं, परिवार टूटते हैं, लेकिन दोषी बेखौफ रहते हैं। यह पुस्तक किसी व्यक्ति या दल नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवाल उठाती है और पाठकों से सच पहचानने व बदलाव की मांग करने का आह्वान करती है।
